कोरोना को ख़त।

  प्रिय कोरोना, तुम हो तो ख़राब और बहुत कुछ ख़राब ही करा है, हर तरफ तुम्हारा ख़ौफ़ का साया है। सारी दुनिया को तुमने थमा सा दिया हैं मगर तुम […]

अदृश्य दोस्त या दुश्मन।

सुना था “ज़िंदगी करवट बदलती है” और आज देख भी लिया । ऐसे तो हर इंसान सब कुछ चाह कर , सोच समझ कर करता है फिर उसकी ज़िंदगी में […]